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Patna News: पटना एयरपोर्ट से विदेश यात्रा होगी आसान, कस्टम-इमिग्रेशन की सुविधा जल्द

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर शुरू करने की तैयारी है। दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक सुविधा शुरू होने की उम्मीद है, जिससे विदेश जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पटना, 27 अगस्त। बिहार से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए पटना एयरपोर्ट पर बड़ी सुविधा विकसित करने की तैयारी चल रही है। आने वाले महीनों में यात्रियों को विदेश जाने की प्रक्रिया के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी करने की मजबूरी काफी हद तक कम हो सकती है। पटना एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल को अंतरराष्ट्रीय परिचालन के अनुकूल बनाने के लिए कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर तैयार किए जा रहे हैं।

इस परियोजना का उद्देश्य पटना से विदेश जाने वाले यात्रियों की प्रक्रिया को यहीं पूरा करना है। प्रस्तावित व्यवस्था में यात्री पटना एयरपोर्ट पर ही आवश्यक जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। साथ ही बैगेज से जुड़ी प्रक्रिया भी यहीं करने की योजना है। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान बड़े एयरपोर्ट पर बार-बार प्रक्रिया पूरी करने और सामान संभालने की परेशानी कम हो सकती है।

दिसंबर या जनवरी तक शुरू करने का लक्ष्य

सिविल एविएशन विभाग के मुताबिक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाओं के लिए काम आगे बढ़ चुका है। एयरपोर्ट के डिपार्चर क्षेत्र में गेट नंबर 12 और 12-ए के आसपास काउंटर विकसित करने की योजना है। विभाग की ओर से इस सुविधा को दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक चालू करने का लक्ष्य बताया गया है।

एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल को इंटीग्रेटेड टर्मिनल के रूप में विकसित करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से भी निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें इमिग्रेशन और कस्टम काउंटर के निर्माण के साथ आंतरिक बदलाव से जुड़े काम शामिल हैं।

बिहार के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पटना एयरपोर्ट को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता रहा है।

अभी यात्रियों को क्यों करनी पड़ती है लंबी यात्रा?

फिलहाल पटना से विदेश जाने वाले यात्रियों को कई मामलों में पहले दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई जैसे बड़े एयरपोर्ट पहुंचना पड़ता है। वहां से उन्हें अंतरराष्ट्रीय उड़ान मिलती है और अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में यात्रियों का समय तो खर्च होता ही है, साथ ही कनेक्टिंग फ्लाइट बदलने, टर्मिनल बदलने और सामान को लेकर अतिरिक्त भागदौड़ भी करनी पड़ती है। खासकर बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों और पहली बार विदेश जाने वाले लोगों के लिए यह प्रक्रिया ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

पटना में ही संबंधित सुविधाएं विकसित होने के बाद यात्रियों के लिए यात्रा का अनुभव अधिक सहज होने की उम्मीद है।

हर दिन सैकड़ों यात्री करते हैं विदेश का रुख

पटना एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले यात्रियों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो रोजगार और कारोबार के सिलसिले में विदेश जाते हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले बिहार के लोगों की संख्या काफी अधिक है। सऊदी अरब, कतर, ओमान और कुवैत जैसे देशों की यात्रा करने वाले यात्रियों को नई व्यवस्था का विशेष लाभ मिल सकता है।

इसके अलावा उच्च शिक्षा और नौकरी के लिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा मिलने की उम्मीद है।

विदेश यात्रा का एक अन्य बड़ा वर्ग पर्यटन और धार्मिक यात्रा से जुड़ा है। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों, दुबई तथा उमराह के लिए जाने वाले यात्रियों के लिए भी पटना से प्रक्रिया आसान होने पर यात्रा का समय और परेशानी कम हो सकती है।

बैगेज की प्रक्रिया भी पटना में

नई व्यवस्था की सबसे अहम बात सिर्फ कस्टम और इमिग्रेशन काउंटर तक सीमित नहीं है। यात्रियों के बैगेज की प्रक्रिया भी पटना एयरपोर्ट पर ही पूरी करने की योजना है।

इसका मतलब यह होगा कि यात्री पटना में अपना सामान जमा करने के बाद आगे की यात्रा के लिए उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेज सकेंगे। इससे दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट पर सामान को दोबारा लेकर चलने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने का दबाव कम हो सकता है।

हालांकि अंतिम व्यवस्था एयरलाइंस और कनेक्टिंग एयरपोर्ट की परिचालन प्रणाली के अनुरूप होगी। यात्रियों को सुविधा शुरू होने के बाद संबंधित एयरलाइन से बैगेज नियमों की पुष्टि करनी होगी।

हब एंड स्पोक मॉडल से जुड़ेगा पटना

पटना एयरपोर्ट पर प्रस्तावित व्यवस्था को हब एंड स्पोक मॉडल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मॉडल में बड़े एयरपोर्ट मुख्य हब के रूप में काम करते हैं, जबकि क्षेत्रीय एयरपोर्ट उनसे जुड़कर यात्रियों और हवाई यातायात को आगे बढ़ाते हैं।

दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े एयरपोर्ट बड़े हब की भूमिका निभाते हैं। पटना जैसे क्षेत्रीय एयरपोर्ट से यात्रियों को इन हब तक पहुंचाकर आगे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ा जा सकता है।

ऐसी व्यवस्था का एक फायदा यह भी है कि यात्रियों को हर चरण पर अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है।

बिहार के यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा

पटना में कस्टम और इमिग्रेशन की सुविधा शुरू होने का सीधा असर बिहार के उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनके सदस्य नौकरी या पढ़ाई के लिए विदेश जाते हैं। अभी कई यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए पहले ही दूसरे राज्य की यात्रा करनी पड़ती है।

नई सुविधा शुरू होने के बाद पटना से कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए अंतरराष्ट्रीय गंतव्य तक पहुंचना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। इससे समय, यात्रा खर्च और एयरपोर्ट पर होने वाली भागदौड़ में कमी आने की उम्मीद है।

खासकर खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में काम करने वाले बिहार के प्रवासी कामगारों के लिए यह बदलाव अहम हो सकता है।

सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की दिशा में भी कदम

पटना एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए तैयार करने की दिशा में यह कदम व्यापक योजना का हिस्सा है। केंद्र सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार पटना को कस्टम-नोटिफाइड एयरपोर्ट का दर्जा प्राप्त है, जबकि पटना से नियमित सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिलहाल संचालित नहीं हो रही हैं।

वहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्री सुविधाओं के लिए टर्मिनल को अपग्रेड करने का काम आगे बढ़ रहा है। इससे भविष्य में पटना से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने की संभावनाओं को मजबूती मिल सकती है।

सुविधा शुरू हुई तो बदलेगा विदेश यात्रा का अनुभव

बिहार के यात्रियों के लिए पटना एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन सुविधा शुरू होना सिर्फ एक नई सुविधा नहीं होगी, बल्कि विदेश यात्रा की पूरी प्रक्रिया को अधिक स्थानीय और आसान बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होगा।

दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक प्रस्तावित सुविधा शुरू होने के बाद यात्रियों को इसका वास्तविक लाभ मिलना शुरू होगा। इसके साथ ही पटना एयरपोर्ट की भूमिका भी सिर्फ घरेलू यात्राओं तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है।

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पटना से विदेश यात्रा आसान होना क्यों जरूरी है?

बिहार की बड़ी आबादी रोजगार, शिक्षा और कारोबार के लिए देश के बाहर जाती है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यात्रियों को अक्सर दूसरे राज्यों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है। यह स्थिति खासकर उन परिवारों के लिए मुश्किल होती है, जिनके पास सीमित संसाधन हैं या जिनके साथ बुजुर्ग और बच्चे यात्रा कर रहे होते हैं।

पटना एयरपोर्ट पर कस्टम और इमिग्रेशन की सुविधा इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती है। लेकिन इसके साथ एक और जरूरत है—पटना से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़े। सिर्फ प्रक्रिया आसान होने से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा, जब तक यात्रियों को पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन उपलब्ध नहीं होते।

इसलिए कस्टम-इमिग्रेशन सुविधा को बिहार की व्यापक एयर कनेक्टिविटी योजना से जोड़कर देखना चाहिए। अगर पटना से खाड़ी देशों, दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए बेहतर कनेक्शन विकसित होते हैं, तो इसका फायदा यात्रियों के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रवासी कामगारों को भी मिल सकता है।

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